Friday, 15 January 2016

प्रशिक्षण एक बहुत बड़ी चुनौती


प्रशिक्षण ज़िन्दगी की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है| प्रशिक्षण किसी की भी ज़िन्दगी की सबसे कठिन परीक्षा होती हैं| इसमें उतीर्ण होना एक बहुत बड़ी चुनौती हैं| इस परीक्षा का परिणाम परीक्षक से तो मिलता ही है परन्तु, इसके अलावा व्यक्ति को अपना परिणाम खुद निकालना पड़ता है कि वह कितना परिपक्व हुआ हैं| प्रशिक्षण एक ऐसी सीढ़ी है जिसकी सहायता से आसमान की बुलंदियों को छुआ जा सकता हैं| प्रशिक्षण हर एक छोटी से लेकर बड़ी चीज़े सिखाती है, जिन चीजो को शायद पहले कही न कही अनदेखा कर दिया गया  होता है, बस जरुरत होती है समर्पित होकर नई चीजों को सीखेंने की| और प्रशिक्षण जब पी आर की हो तो यह एक बड़ी चुनौती के साथ-साथ एक उपहार के सामान होता हैं| क्योंकि, पी आर में रोजगार के तरीके सिखने के साथ ही साथ लोगो से विश्वास पूर्वक सम्बंध बनाने के तरीके भी सीखते है| बहुत सारी चीजों की जानकारी होते हुए भी व्यक्ति उसे विश्वास से प्रस्तूत नहीं कर पाते इसलिए उनको प्रशिक्षण की जरुरत होती हैं| प्रशिक्षण के बहुत से फायदे है जिनसे प्रशिक्षु को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती हैं|

एक सकारात्मक दृष्टि से देखा जाए तो मायने ये नहीं रखता है कि प्रशिक्षण आप किसी प्रसिद्ध कम्पनी से कर रहे है बल्कि मायने ये रखता है कि आप उस कम्पनी से कितनी नई-नई अच्छी चीज़े पुरे आत्मविश्वास के साथ समर्पित होकर सिख रहे है| बहुत-सी ऐसी महत्वपूर्ण चीज़े है जिनका प्रशिक्षण के दौरान ध्यान में रखकर प्रयोग करना चाहिए| इनका वर्णन नीचे किया गया हैं|


किसी भी कंपनी/संस्था में बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है उससे घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका सामना अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दृढ़ता से किया जाना चाहिए | बहुत बार अनजाने में भी गलतिया हों सकती हैं, बहुत कुछ अच्छा भी हो सकता है| इसी दौरान प्रशिक्षु को अपनी की गई पिछली गलतियों से सीख लेते हुए, सही कार्यो को जारी रखना चाहिए| कुछ दिनों बाद उसे अपने आप में अलग परिपक्वता नज़र आयेगी| सबसे पहले कम अहमीयत वाले  कार्य शुरू करना चाहिए क्योकि जबतक इन कार्यों में दक्षता नहीं आएगी तबतक महत्वपूर्ण कार्यो को करने में झिझक होती रहेगी| किसी चीज़ को जानते हुए भी उस चीज़ के बारे में अपने सिनियरो से पूछे क्योकि हर एक कार्य को करने के बहुत से तरीके हैं|जब भी किसी चीज़ के बारे जानकारी लेना चाहते हों तो बिलकुल विनम्रता  से बातचीत करनी चाहिए | एक बहुत ही अच्छी पंक्ति है कि ”जब आप पढाई करते है तो किसी चीज़ के पीछे के सिद्धांत को जानते है लेकिन अनुभव/प्रशिक्षण से आप उसका मतलब समझ पाते हैं|” प्रशिक्षण का सबसे अच्छा परिणाम यह मिलता है कि प्रशिक्षु किसी भी कार्य को बड़े विश्वास के साथ कर पाने का संबल प्राप्त करता हैं|

        इस लेख के लेखक सदाम हुसेन, एग्जीक्यूटिव पि. आर प्रोफेशनल्स’ है!


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