Tuesday, 2 February 2016

पी आर में न्यूज ट्रैकिंग


न्यूज ट्रैकिंग पी आर का महत्वपूर्ण अंग है| दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह पीआर की सबसे मूलभूत चीजो में से एक है| जिस तरह से, भोजन तैयार हो और उसे परोसा ही न जाय तो किसी काम का नहीं| ठीक उसी प्रकार पीआर में अपने क्लायंट की खबरों को मीडिया में प्रकाशित कराना ही पीआर का मुख्य उद्देश्य नहीं है बल्कि इससे भी बड़ी चीज़ अपने क्लायंट के न्यूज़ को ट्रैक कर उस तक पहुचाना है| एक तरफ जहाँ न्यूज को प्रकशित कराना काफी मुश्किल कार्य है और दूसरी तरफ एक छोटी सी लापरवाही प्रकाशित समाचार को ट्रैक न कर पाने से पीआर मूल्य विश्लेषण में भारी गिरावट का कारण बन सकती है| पीआर में ये दोनों ही कार्य श्रृखलावद्ध है|

जब भी न्यूज ट्रैक किया जाता है तो अपने क्लायंट के खबरों को ध्यान में रखते हुए बहुत ही ध्यान से पढ़कर ट्रैक किया जाता है क्योंकि बहूत बार ऐसा भी होता है कि प्रकशित न्यूज भी अनजाने में ट्रैक नहीं हो पाती या सही समय ट्रैक नहीं हो पाता है| यह देखने में मामूली लगता है मगर उनके प्रति सजग नहीं रहने से बड़ी हानि संम्भव है| कहा जाता है कि दुनियाँ में किसी भी कार्य की प्राथमिकता तब मिलती है जब वह कार्य अच्छे से सही समय पर पूर्ण हुआ हो ”| और यह पीआर के लिए भी अनिवार्य है|

कई बार ऐसा भी होता है कि अगर क्लायंट की न्यूज समाज के दृष्टिकोण से काफी अच्छी है और वह न्यूज कई और प्रकाशनों में भी प्रकाशित हो जाती है और वो न्यूज ट्रैक ही नही हो पाती है| उन समाचारों के प्रति भी अपनी पहुँच मजबूत रखनी चाहिए | अगर ट्रैकिंग की व्यवस्था काफी अच्छी है तो पीआर एजेंसी अपने क्लायंट के ऊपर एक अलग तरह की बढ़त बनाती है| चाहे प्रिंट मिडिया, आनलाइन मिडिया व इलेक्ट्रोनिक मिडिया हो इन तीनो में न्यूज ट्रैकिंग की तकनीक काफी अच्छी होनी चाहिए|

बहुत कम ही ऐसा होता है की पी आर करवाने वाली क्लायंट की कोई नकारात्मक न्यूज आये| लेकिन कभी-कभी वैसी न्यूज भी प्रकाशित हो जाती है जो क्लायंट के दृष्टिकोण से नकारात्मक हो, ऐसे में सक्रिय रहकर उसके खंडन की तैयारी करनी चाहिए जो की तभी संभव है जब एजेंसी को ज्ञात हो की कोई खबर प्रकाशित भी हुई है|

         लेखक सदाम हुसेन, एग्जीक्यूटिव पि. आर प्रोफेशनल्स’


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