Thursday, 10 November 2016

अज्ञानी होना उतना शर्म की बात नहीं, जितना की सीखने की इच्छा न करना

किसी भी इंसान के जीवन में दो चीजे बड़ा ही महत्वपूर्ण है पहला सीखने और सीखाने की कला | ये दोनों चीजे जिस किसी के भी पास होती है वो बहुत ही महान व्यक्ति होते है, क्यूंकि सीखने की कला से व्यक्ति अपने आप को महान और बड़ा बनाता है और सीखाने की कला से व्यक्ति दूसरे लोगो को महान एवं बड़ा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है|

मैने हमेशा से इन दो चीजो का पालन करता आ रहा हु लेकिन अगर कोई पूछे की इन दोनों में से सबसे अच्छा मुझे क्या लगता है तो मै तो यही कहूँगा की जीवन में हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहना मुझे ज्यादा पसंद है| विद्यार्थी बने रहना ही मुझे बेहद पसंद है | मै पूरी कोशिस करता हु की हमेशा किसी से विनम्र भाव से कुछ लेता/सीखता रहू, चाहे वो मुझसे छोटा हो या बड़ा| मै अच्छी तरह से जानता हु की इस सार्थक प्रयास से ही एक दिन मै किसी को सीखाने के काबिल हो सकता हूँ |

आज मै लगभग 13 महीनो से एक पीआर एजेंसी (PR Agency) - PR Professionals में कार्यरत हु | इस अवधि में मैंने इतना कुछ सीखा जो की मेरे जीवन के बहुत बड़े फासले को भर दिया | यह मेरे लिए बहुत ही ख़ुशी और सौभाग्य की बात है | यह सब कुछ संभव हो रहा है इस संस्था के अच्छे माहौल, संगत, सकारात्मक सोच से | इस संस्था ने एक ऐसा मार्गदर्शन दिया की मानो हमेशा प्रेरित करा रहा हो कि ऐसी आजादी और कहाँबना लो अपनी जिन्दगी, यही वो सुनहरा मौका है, कर दो वो जो तुम करना चाहते हो , बस जरुरत है सच्चे लगन और समर्पण की| यही वो चीज है जिसकी वजह से मै धीरे ही सही लेकिन एक सकारात्मक सोच से आगे जरुर बढ़ रहा हु| यह मेहनत एक दिन जरुर रंग लाएगी|

मै खासकर पीआर प्रोफेशनल्स (PR Professionals)के निदेशक सर्वेश कुमार तिवारी का शुक्रगुजार हु जिन्होंने इस इंडस्ट्री को इस तरीके से सवारा है कि जो अपने आप में जीता जागता उदाहरण है इनकी प्रेरणात्मक बाते हमेशा दिल और दिमाग पर दस्तक देती है| मै अपनी तरफ से पूरा मेहनत कर रहा हु की एक दिन मै इनके लिए उदाहरण बनू | जिस किसी को यहाँ स्पेस मिलता है वो बहुत भाग्यशाली है उन्ही में से एक मै भी हूँ|
    


लेखक सदाम हुसेन PR Professionals
     


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